लगता था ज़िन्दगी को बदलने में वक़्त लगेगा. . पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त ज़िन्दगी बदल देगा.

मेरे साथ बैठ कर वक़्त भी रोया एक दिन बोला बन्दा तू ठीक है मैं ही ख़राब चल रहा हूँ .

दर्द ही हमदर्द बन जाता है उस वक़्त, जब खुद से ही अपना हाल बयाँ करने से कतराता है कोई।

समय दिखाई नहीं देता, पर बहुत कुछ दिखा जाता है।













Comments

Popular posts from this blog